ओ३म्
कन्या गुरुकुल
ओ३म्कृण्वन्तो विश्वमार्यम् — सम्पूर्ण विश्व को आर्य (श्रेष्ठ) बनाओ +91 98XXX XXXXX info@kanyagurukulpanipat.org
॥ ओ३म् ॥ सहयोग करें

सहयोग एवं दान

वैदिक शिक्षा के इस यज्ञ में आपका योगदान अमूल्य है

गुरुकुल का संचालन समाज के सहयोग से होता है। आपका प्रत्येक योगदान एक बालिका के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। दान देना यज्ञ के समान पुण्य कार्य है।

दान के प्रकार

आर्थिक सहयोग

गुरुकुल के संचालन, शिक्षिकाओं के वेतन, भोजन व्यवस्था और बालिकाओं की शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग दें। कोई भी राशि छोटी नहीं — हर योगदान मायने रखता है।

शैक्षणिक सामग्री

पुस्तकें, कॉपियाँ, वैदिक ग्रन्थ, शैक्षणिक उपकरण — इन वस्तुओं का दान बालिकाओं की शिक्षा को समृद्ध बनाता है।

भवन निर्माण / विकास

गुरुकुल परिसर के विस्तार, नये भवन, यज्ञशाला, पुस्तकालय या अन्य सुविधाओं के निर्माण में सहयोग दें।

अन्नदान / भोजन सहयोग

बालिकाओं के भोजन (अन्न, दूध, घी, फल) के लिए सहयोग करें — अन्नदान सर्वश्रेष्ठ दान माना गया है।

वस्त्र / दैनिक आवश्यकताएँ

गणवेश, बिस्तर, शीतकालीन वस्त्र और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का दान।

छात्रवृत्ति

किसी योग्य बालिका की पूर्ण शिक्षा का भार उठाएँ — यह सबसे सार्थक सहयोग है।

दान कैसे दें

🔲 [दान देने की विधि — बैंक खाता विवरण नीचे भरें]

बैंक 🔲 [बैंक का नाम]
खाता संख्या 🔲 [खाता संख्या]
IFSC 🔲 [IFSC]
खाताधारक 🔲 [जैसे "कन्या गुरुकुल न्यास, पानीपत"]

🔲 [UPI ID — यदि हो]

🔲 [अन्य विधि — चेक, नक़द — कहाँ जमा करें]

80G कर छूट

🔲 [यदि 80G प्रमाण-पत्र है तो: "दानदाताओं को आयकर अधिनियम की धारा 80G के अंतर्गत कर में छूट का लाभ मिलता है।" — अन्यथा हटा दें]

भावी परियोजनाएँ

  • नया शैक्षणिक भवन
  • पुस्तकालय विस्तार
  • कम्प्यूटर कक्ष
  • खेल सुविधाओं का विकास
  • 🔲 [अन्य परियोजनाएँ — CMS से जोड़ें]

भामाशाह / प्रमुख सहयोगी

हमारे प्रमुख सहयोगियों की जानकारी शीघ्र जोड़ी जाएगी। आपका सहयोग इस सूची का अगला नाम बन सकता है।
॥ ओ३म् ॥

परोपकाराय पुण्याय, पापाय परपीडनम्

परोपकार ही पुण्य है — दूसरों को कष्ट देना ही पाप है।